हरिशंकर परसाई हिन्दी के अकेले ऐसे व्यंग्यकार रहे हैं जिन्होंने आनन्द को व्यंग्य का साध्य न बनने देने की सर्वाधिक सचेत कोशिश की। उनकी एक-एक पंक्ति एक सोद्देश्य टिप्पणी के रूप में अपना स्थान बनाती है। स्थितियों के भीतर छिपी विसंगतियों के प्रकटीकरण के लिए वे कई बार अतिरंजना का आश्रय लेते हैं, लेकिन, तब भी यथार्थ के ठोस सन्दर्भों की धमक हमें लगातार सुनाई पड़ती रहती है। लगातार हमें यह एहसास होता रहता है कि जो विद्रूप हमारे सामने प्रस्तुत किया जा रहा है, उस पर सिर्फ ‘दिल खोलकर’ हँसने की नहीं, थोड़ा गम्भीर होकर सोचने की हमसे अपेक्षा की जा रही है। यही परसाई के पाठ की विशिष्टता है।
Nithalle Ki Diary Book | Hard Cover Book | Harishankar Parsai Book | Rajkamal Prakashan book | Hindi
₹495.00 Original price was: ₹495.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
Nithalle Ki Diary Book | Hard Cover Book | Harishankar Parsai Book | Rajkamal Prakashan book | Hindi
Categories: Books, Literature / साहित्य
Be the first to review “Nithalle Ki Diary Book | Hard Cover Book | Harishankar Parsai Book | Rajkamal Prakashan book | Hindi” Cancel reply
No more offers for this product!


CLASS NOTES ARITHMETIC (E) (2022-23) 




Reviews
There are no reviews yet.