निर्मल वर्मा के कथा-शिल्प में उसी तरह मौजूद रहता है, जैसे हमारे जीवन में—लगातार मौजूद लेकिन अदृश्य। उससे हमारे दुःख और सुख तय होते हैं, वैसे ही जैसे उनके कथा-पात्रों के होते हैं। कहानी का विस्तार उसमें बस यह करता है कि इतिहास के उन मूक और भीड़ में अनचीन्हे ‘विषयों’ को एक आलोक-वृत्त से घेरकर नुमायाँ कर देता है, ताकि वे दिखने लगें, ताकि उनकी पीड़ा की सूचना एक जवाबी सन्देश की तरह इतिहास और उसकी नियन्ता शक्तियों तक पहुँच सके। इस प्रक्रिया में अगर उनकी कथा कुछ ऐसे व्यक्तियों को रच देती है जिनकी वैयक्तिकता की आभा हमारे लिए ईर्ष्या का कारण हो उठे, तो यह उनका व्यक्तिवाद नहीं है, व्यक्ति के स्तर पर एक वैकल्पिक मनुष्य का ख़ाक़ा तैयार करने की कोशिश है।
Ve Din Book | Nirmal Verma Book | Rajkamal Prakshan Book | Paper Back | Hindi
₹299.00 Original price was: ₹299.00.₹224.00Current price is: ₹224.00.
Ve Din Book, Nirmal Verma Book, Hindi Novel, Modern Hindi Literature, Nirmal Verma Novel, Classic Hindi Fiction, Literary Novel, Hindi Literature Books, Indian Fiction, Contemporary Hindi Novel
Categories: Books, Literature / साहित्य
Be the first to review “Ve Din Book | Nirmal Verma Book | Rajkamal Prakshan Book | Paper Back | Hindi” Cancel reply
No more offers for this product!


Quantitative Aptitude (Revised Edition 2025): For All Govt. Competitive Exams for Banking, SSC CGL CHSL MTS GD, RRB Railway, Police, UPSC Civil Service, IBPS, SBI BANK PO | S Chand Exam Book 2025 




Reviews
There are no reviews yet.